- इनगुइनल हर्निया:- इनगुइनलहर्निया को आम होने वाले हर्निया रोग में से एक माना जाता है क्योंकि 100 में से 70 प्रतिशत मामले इनगुइनलहर्निया के ही होते है | यह हर्निया पेट के अंदरूनी कमज़ोर मांसपेशी में छेद करके आंते बाहर की तरफ नज़र आने लगते है |
- हाइटल हर्निया:- इस हर्निया के दौरान गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स की समस्या पैदा हो जाती है | जिस कारण पेट की सामग्री का रिसाव भोजन नलिका में होता है जिससे जलन जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है | इस हर्निया के मामले ज़्यादातर 50 से अधिक वर्ष वाले लोगो पर देखा गया है |
- अम्बिलिकल हर्निया:- इसके मामले 6 महीने से भी कम आयु वाले बच्चों पर पाया जाता है | यही एकमात्र ऐसा हर्निया है जिसमे बच्चों के सिर्फ मांसपेशियां मजबूत करने से दूर किया जा सकता है |
- इनकिशनल हर्निया:- यह मामले सिर्फ उन लोगों में पायी जाती है जिनकी पहले से ही सर्जरी हुई हो, क्योंकि आंते सर्जरी हुए क्षेत्र या फिर कमजोर मांसपेशियों पर ही काफी नकारात्मक प्रभाव डालती है |
- स्पोर्ट्स हर्निया:- यह हर्निया पेट के निचले भाग या पेट और जांघ के आस-पास के हिस्से में तनाव या टिश्यू के फटने के कारण उत्पन्न होता है |