बच्चों में पित्त की पथरी क्या है ?
- पित्ताशय में पथरी वयस्कों में काफी आम है, भारत में इसका प्रसार 3 -5% है। पर आज के समय में बच्चे तेजी से प्रभावित हो रहे हैं, पित्ताशय में पथरी की समस्या से।
- वहीं 2% बच्चों की आबादी में पित्त की पथरी देखी जाती है। तो मोटे बच्चों में व्यापकता अभी भी अधिक है। बचपन में लड़के और लड़कियां समान रूप से प्रभावित होते हैं, इस समस्या से। हालांकि, यौवन के बाद, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में आवृत्ति काफी अधिक होती है।
पित्ताशय की पथरी के प्रकार क्या है ?
- पहला पित्ताशय की पथरी का प्रकार बिलीरुबिन द्वारा निर्मित पथरी है।
- तो दूसरा कोलेस्ट्रॉल से बनने वाली पथरी।
बच्चों में कोलेलिथियसिस पथरी की समस्या कितनी आम है ?
- बच्चों में पित्त की पथरी हो सकती है, सबूत दुर्लभ घटनाओं की ओर इशारा भी कर सकते हैं, लेकिन संभावना निश्चित रूप से मौजूद है। वहीं यह उन बच्चों में अत्यधिक देखा गया है जिनकी खाने की खराब आदतें हैं या वे मधुमेह, मोटापे के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के साथ हीमोलाइटिक एनीमिया से जूझ रहे हैं।
बच्चों में पित्त की पथरी या कोलेलिथियसिस के कारण क्या है ?
- बोन मैरो (अस्थि मज्जा) ट्रांसप्लांट या ऑर्गन ट्रांसप्लांट के कारण।
- डायबिटीज के काऱण।
- गर्भावस्था (प्रेग्नेंसी) के दौरान पित्ताशय का पित्त को पूरी तरह से खाली न कर पाना।
- लिवर सिरोसिस और बिलियरी ट्रैक्ट का इन्फेक्शन लगवाना।
पित्त की पथरी या कोलेलिथियसिस से बच्चों को कैसे बचाया जा सकता है ?
बच्चों को अत्यधिक पानी का सेवन करवाए जिससे पेशाब पतला रहेगा और साथ ही पथरी बनाने वाले मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। बच्चों को ज्यादा पानी पीने की आदत डालें। इससे पथरी ही नहीं बल्कि कई बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है।इलाज क्या है बच्चों में पित्त की पथरी या कोलेलिथियसिस का ?
- दर्द निवारक दवाओं की मदद से पथरी के दर्द को कम किया जा सकता है। फ्लूइड्स की मात्रा को बढ़ाकर पथरी को शरीर से बाहर निकालने में मदद मिल सकती है।
- अगर पथरी की वजह से मूत्र मार्ग में इंफेक्शन हो जाए तो, एंटीबायोटिक भी दी जा सकती हैं। यदि स्टोन का साइज बड़ा हो और दर्द हो रहा है, तो उस स्थिति में सर्जरी से स्टोन को निकाला जाता है। डायट में कुछ बदलाव कर के और खूब तरल पदार्थों के सेवन से पथरी को दोबारा होने से रोका जा सकता है।