क्या है पथरी की बीमारी ?
- जब मूत्र में कैल्शियम ऑक्जलेट की मात्रा ज्यादा मिल जाती है, जिसके बाद मूत्रमार्ग से कठोर पथरी पदार्थ का निर्माण होने लगता है जो पथरी की समस्या को उत्पन्न करता है। और ये पथरी शरीर के अलग अलग अंगों में होती है।
- पथरी की बीमारी क्या है के बारे में जानने व खुद के बचाव के लिए आप पंजाब में गुर्दे की पथरी विशेषज्ञ से सलाह लें।
पथरी की समस्या शरीर के किन-किन हिस्सों में होती है ?
कुछ डॉक्टरों के मुताबिक ये शरीर के निम्न चार हिस्सों में होती है, जैसे-- पहले पर ये समस्या किडनी यानी गुर्दे के हिस्सें को अपने वश में लेती है।
- यूरेटर यानी पेशाब की नली में।
- युरिनरी ब्लैडर यानी पेशाब की थैली में।
- गॉल ब्लैडर यानी पित्त की थैली में।
किन कारणों से गुर्दे की पथरी वापिस आती है ?
- चाय या कॉफी का अधिक मात्रा में सेवन करना।
- पानी को बहुत कम मात्रा में पीना।
- लंबे समय तक पेशाब रोके रखना।
- लंबे समय से किसी दवा का सेवन करते रहना, बिना डॉक्टर के परामर्श से।
- पोटेशियम, प्रोटीन, कैल्शियम जैसे नट्स, पालक, रेड मीट आदि पदार्थों का उच्च मात्रा में सेवन करना।
पथरी की समस्या को कैसे पहचाने ?
- पेट में अचानक से तेज दर्द का होना।
- पेशाब करने में तकलीफ का सामना करना।
- लंबे समय से पेशाब का रंग बहुत पीला आना।
- पेशाब से बहुत ज्यादा बदबू का आना।
- पीठ और पेट में लगातार दर्द का बने रहना।
- बहुत ज्यादा उल्टी का आना।
- पेशाब के दौरान खून का आना।
- अचानक पेशाब बंद हो जाना आदि।
पथरी की बीमारी को रोकने के लिए क्या करें ?
- यदि आप पथरी की समस्या से जूझ रहें है तो इससे बचाव के लिए आपको अपने खाने में नमक की मात्रा को कम करना चाहिए।
- दिनभर में कम से कम दो लीटर पानी जरूर पीएं।
- पानी पीने के साथ-साथ नींबू पानी, नारियल पानी, संतरे का रस, अनानास का रस, गाजर, करेला, बिना बीज के टमाटर, केला, जौ, जई, बादाम जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
- पथरी की बीमारी होने पर डेयरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें।
- विटामिन-सी की मात्रा को कम करें।