किडनी में पथरी के लक्षण क्या हो सकते हैं?
किडनी में पथरी के लक्षण निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे कि- कमर में काफी तेज दर्द होना
- पेट के निचले हिस्से में गंभीर रूप से दर्द होना।
- पेशाब करते वक्त जलन होना।
- पेशाब के रंग में बदलाव होना।
- पेशाब में से बदबू आना।
किडनी में पथरी होने के क्या कारण हो सकते हैं?
वैसे तो, किडनी में पथरी बनने के कई कारण हो सकते हैं, पर इसमें से कुछ निम्नलिखित अनुसार हो सकते हैं, जैसे- रोजाना कम मात्रा में पानी का सेवन करना।
- काफी ज्यादा नमक का सेवन करना।
- अधिक मोटापा होना।
- परिवार में पहले से ही किडनी स्टोन की हिस्ट्री होना।
- कुछ खाद्य पदार्थों जैसे पालक, चॉकलेट और कुछ नट्स का अधिक मात्रा में सेवन करना।
आखिर किन तरीकों से किया जाता है किडनी में पथरी का इलाज?
किडनी की पथरी का इलाज इसके आकार और स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है। निम्नलिखित तरीकों का इस्तेमाल करके किडनी में होने वाले पथरी का इलाज किया जा सकता है, जैसे कि- किडनी की पथरी का इलाज करने के लिए दवाइयों का इस्तेमाल करना।
- किडनी में पथरी होने पर ज्यादा पानी का सेवन करना।
- किडनी से पथरी को निकालने के लिए शॉक वेव थेरेपी का इस्तेमाल करना।
- किडनी में मौजूद पथरी को बाहर निकालने के लिए एंडोस्कोपिक सर्जरी का सहारा लेना।
किडनी की पथरी के दौरान आखिर कब पड़ती है सर्जरी की जरूरत?
वैसे तो, किडनी में मौजूद पथरी के ज्यादातर मामलों में किडनी की पथरी को दवाइयों और जीवनशैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करके ठीक किया जा सकता है। पर, पथरी का आकार 6 से 7 मिमी से बड़ा होने, पथरी के मूत्र नली में फंस जाने, पथरी के कारण पेट में गंभीर और बार-बार दर्द उठने, बार-बार यूरिन इन्फेक्शन होने, किडनी को कोई नुकसान होने का खतरा होने जैसे कुछ मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।किडनी की पथरी से बचने के लिए किन तरीकों को अपनाना चाहिए?
दरअसल, किडनी की पथरी से बचने के लिए आप निम्नलिखित तरीकों को अपना सकते हैं, जैसे- रोजाना कम से कम 2 से 3 लीटर पानी का सेवन जरूर करें।
- ज्यादा नमक और जंक फूड का सेवन करने से बचें।
- बैलेंस डाइट का सेवन करें।
- रोजाना एक्सरसाइज करें।
- डॉक्टर की सलाह पर ही कोई दवा लें।