पित्त की पथरी क्या है ?
पित्त की पथरी क्या है इसके बारे में ही हम आज के इस लेखन में बात करेंगे;- हमारे शरीर में लीवर के ठीक पीछे एक छोटा सा अंग होता है, जिसे पित्ताशय या पित्त कहते हैं। ये अंग लीवर के पैदा किये गए पित्त को अवशोषित करता है।
- पित्ताशय की पथरी, पित्ताशय के अन्दर एक या अनेक कठोर पिण्ड के रूप में मौजूद होते हैं।
- इन पथरियों का निर्माण पित्ताशय के अन्दर होता है, लेकिन पित्त मार्ग के अन्य भागों में भी ये पहुंच सकती है। जैसे पुटीय नलिका, सामान्य पित्त नलिका, अग्न्याशयीय नलिका या एम्प्युला ऑफ वेटर में।
पित्त की पथरी से निजात दिलवाने में कैसे सहायक है, प्राकृतिक उपचार ?
पित्त की पथरी से निजात कौन नहीं पाना चाहता है, पर बहुत से ऐसे लोग भी है होंगे जो इस बीमारी से निजात पाने के लिए प्राकृतिक उपचारो का सहारा लेते है। तो चलिए बात करते है कि आखिर वो कौन से प्राकृतिक उपचार है;- हल्दी, को लीवर के लिए अच्छा माना जाता है। ये पित्त का प्रभाव भी बढ़ाती है। जिस कारण केमिकल्स जमकर पित्त की पथरी को नहीं बनने देते। बस इसमें आपको करना ये है कि 1/2 चम्मच हल्दी और 1/2 चम्मच शहद को मिलकर हर दिन खाए।
- पित्त की पथरी से निजात पाने के लिए आप हर्बल चाय का इस्तेमाल भी कर सकते है। बस इसमें आपको करना ये है कि 2 चम्मच ग्रीन टी की पत्तियां, 1 कप गर्म पानी,और फिर उसमे शहद और नींबू को मिलकर दिन में तीन बार पिए जिससे आपको काफी फ़ायदा होगा।
- सेब में मैलिक एसिड होता है, जोकि पित्ताशय के पथरी में केमिकल्स के विरूद्ध काम करता है। वही ऐपल जूस पीने से पथरी मुलायम पड़ जाती है और आसानी से निकल जाती है।
- पित्त की पथरी से निजात दिलवाने में अरंडी का तेल है सहायक, बस इसमें आपको कुछ बातो का ध्यान देना है जैसे, अरंडी के तेल को हल्का गर्म करें और उसमें पनीर के कपड़े को भिगो दें। फिर कपड़े से अतिरिक्त तेल निकाल दें और इसे पेट के दाहिनी ओर रखें, जहां आपका पित्ताशय और यकृत स्थित होता है। इसके बाद चारों और प्लास्टिक की चादर लपेटनी है। लगभग 30 से 40 मिनट के लिए इस पर गर्म सेक रखें। और इस प्रक्रिया को हफ्ते में तीन से चार बार दोहराए।