शरीर में पानी की कमी होने पर कौन से लक्षण देखने को मिल सकते हैं?
आज के समय में ज्यादातर बच्चे बाहर की चीजों का ज्यादा सेवन करते हैं जिसके कारण बच्चे पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन नहीं कर पाते हैं। इसी के चलते शरीर अपनी एनर्जी बचाने के लिए शरीर में पानी को बचाने की कोशिश करता है, जिसके कारण बच्चों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे- गहरे रंग का पेशाब आना।
- पेशाब गाढ़ा नजर आना।
- यूरिनरी ट्रैक्ट में जलन की समस्या होना।
- शरीर में पानी की कमी किडनी में पथरी का कारण बनता है।
- यूरिन इन्फेक्शन का जोखिम बढ़ना।
नमक किस तरह होता है किडनी का दुश्मन?
दरअसल, इस बात से आज कोई भी अनजान नहीं है, कि आज ज्यादातर बच्चे पैकेज्ड चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, प्रोसेस्ड फूड और बाहर बाजार या फिर अन्य स्थान पर बनने वाली चीजों को काफी ज्यादा पसंद करते हैं और उनका ही काफी मात्रा में सेवन करते हैं। आज के समय में घर पर बने खाने का सेवन कोई कोई ही करता है। बाहर की चीजों का सेवन करने से न केवल शरीर से जुड़ी बीमारियां होती हैं, बल्कि इन की वजह से शरीर में सोडियम का स्तर काफी ज्यादा मात्रा में बढ़ जाता है, जिसके कारण उनको किडनी से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसके कारण ही बच्चों का पानी पीने का मन नहीं करता है। बच्चों के शरीर में जहां पानी कम हो जाता है, तो वहीं नमक का सेवन बढ़ जाता है। ऐसे में, अगर कोई भी बच्चा हद से ज्यादा नमक का सेवन करता है, तो इसके कारण किडनी किडनी पर काफी ज्यादा दबाव पड़ता है, जिसके कारण शरीर में न केवल मिनरल का संतुलन बिगड़ जाता है, बल्कि इसके कारण ब्लड प्रेशर भी बढ़ता है और धीरे-धीरे किडनी पर भी काफी ज्यादा तनाव बढ़ जाता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जिन बच्चों का शहरी लाइफस्टाइल, घर से कम निकलना, ज्यादा स्क्रीन टाइम और पैकेज्ड फूड आसानी से मिल जाता है, दरअसल उन को किडनी से जुड़ी तरह तरह की समस्याओं का काफी ज्यादा सामना करना पड़ता है। इसलिए, शारीरिक सेहत बनाये रखने के लिए अपने खानपान पर महत्वपूर्ण ध्यान देना अति आवश्यक होता है।किन संकेतों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए नजरअंदाज?
आपको सतर्क करने के लिए आपको बता दें, कि बच्चों में किडनी से जुड़ी समस्या एक दम से या फिर शुरुआत में ही पता नहीं लगती हैं, बल्कि किडनी से जुड़ी समस्याओं के संकेत बच्चों में धीरे-धीरे नजर आते हैं, जिन पर ध्यान देना काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, जैसे कि- बच्चों के पेशाब करते वक्त जलन या फिर दर्द की समस्या महसूस होना।
- बार बार पेशाब करने जाना।
- पेट में दर्द की समस्या बनी रहना।
- कमर में बार-बार दर्द की समस्या होना।
- सुबह सोकर उठने के बाद
- आंखों के आसपास सूजन होना।
- बच्चों का हद से ज्यादा थकान महसूस करना।
बच्चों को किडनी की परेशानी से किस तरह सुरक्षित रखा जा सकता है?
आम तौर पर, अपने बच्चों को किसी भी तरह की समस्या या फिर परेशानी से बचाने के लिए आप कुछ सेहतमंद आदतों को भी अपना सकते हैं, जैसे- इस तरह की स्थिति में बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के लिए कहें।
- ऐसे में, पढ़ाई करते वक्त या फिर स्क्रीन देखते वक्त उनके सामने पानी रखें, ताकि उनको पानी पिने कि आदत लग सके।
- बच्चों की सेहत को ठीक रखने के लिए उन को घर पर बने खाने का ही सेवन करवाएं।
- उनको इस दौरान ज्यादा नमक का सेवन न करने दें, ज्यादा नमक वाली चीजों को न दें।
- इस तरह की स्थिति में बच्चों की सेहत को बनाए रखने के लिए उनको बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।
- ऐसे में, अगर उनको बार-बार पेशाब में दिक्कत महसूस होती है, तो ऐसे में डॉक्टर से जरूर सलाह करें।
किडनी को किस तरह सेहतमंद रखा जा सकता है?
हर कोई चाहता है, कि उसकी किडनी सेहतमंद बनी रहे और उसको किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। ऐसे में, अगर आप अपनी किडनी को तंदुरुस्त रखना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित उपायों को अपना सकते हैं, जैसे- नमक का सेवन कम मात्रा में करें।
- रोजाना ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें
- डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें।
- केवल डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सेवन करें और समय पर लें।