गुर्दे की पथरी ?
गुर्दे की पथरी क्रिस्टल के समूह होते हैं जो आपके मूत्र पथ में खनिजों और अन्य पदार्थों से बनते हैं। गुर्दे की पथरी को अपने आप बाहर निकलने में तीन सप्ताह तक का समय लग सकता है।ज़्यादातर पथरी आपके पेशाब के ज़रिए आपके शरीर से बाहर निकल जाती है, लेकिन जब वह बाहर निकलती हैं तो बहुत दर्दनाक होती है अगर पथरी अपने आप बाहर नहीं निकल पाती या रुकावट पैदा करती है तो आपको पथरी को तोड़ने या निकालने के लिए प्रक्रिया की ज़रूरत हो सकती है। गुर्दे की पथरी छोटी भी हो सकती है और बड़ी भी हो सकती है वैसे तो पथरी छोटी पथरी कोई भी दर्द पैदा नहीं करती है और न ही कोई लक्षण दिखती है बड़ी पथरी बोहत ही दर्दनाक होती है इससे रोजाना पेट में दर्द और जलन रहती है बड़ी पथरी अपना प्रभाव जायदा दिखती है ,और मरीज को बोहत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।गुर्दे की पथरी क्या होती है?
गुर्दे की पथरी ठोस आयतन या क्रिस्टल होते हैं जो हमारे गुर्दे में पदार्थों (जैसे खनिज, एसिड और रेह) से बनते हैं। वे रेत के दाने जितने छोटे हो सकते हैं या - कभी-कभी - गोल्फ की गेंद से भी बड़े हो सकते हैं। गुर्दे की पथरी को गुरदे कापथर कहा जाता है। जब ये किसी व्यक्ति के गुर्दे मैं होता है तो उसको उसी जगह के ऊपरी हिस्से पर तेजी से दर्द होना शुरू हो जाता है गुर्दे की पथरी जो की छोटे पत्थर आपके मूत्र मार्ग से बिना किसी लक्षण के आपके पेशाब के ज़रिए निकल सकते हैं। बड़े गुर्दे की पथरी आपके मूत्रवाहिनी (वह नली जो आपके गुर्दे से मूत्र को आपके मूत्राशय तक ले जाती है) में फंस सकती है। इससे पेशाब वापस आ सकता है और आपके गुर्दे की आपके शरीर से कचरे को छानने की क्षमता सीमित हो सकती है। इससे खून भी बाहर आ सकता है आपको पथरी जैसे पथर को तोड़ने के लिए किसी विशेषज्ञ की स्लाह लेनी पड़ती है।गुर्दे की पथरी का कैसे पता लगता है ?
गुर्दे की पथरी का सबसे आम लक्षण आपकी पीठ के निचले हिस्से, पेट या बगल में दर्द हो सकता है ऐसा महसूस हो सकता है कि यह आपकी कमर से आपकी बगल तक फैल गया है। यह हल्का दर्द या तेज और गंभीर भी हो सकता है। इसे कभी-कभी पेट का दर्द कहा जाता है ,गुर्दे की पथरी के ये आम लक्षण हमको दिखाई दे सकते हैं
. खूनी में पेशाब .. कभी भी पेशाब करते समय दर्द होना .. कभी भी पेशाब करने में असमर्थता.. बहुत ज्यादा पेशाब करने की इच्छा होना।. बुखार होना और ठंड लगना।. बादल जैसा या बदबूदार पेशाब होनाहालाँकि छोटे आकार की पथरी से दर्द या और कोई गंभीर लक्षण पैदा नहीं हो सकते हैं और न ही कोई परेशानी पैदा हो सकती है।गुर्दे की पथरी के क्या क्या कारन हो सकते हैं ?
गुर्दे बकी पथरी के आम तोर पर आपके पेशाब मैं अम्ल ,खनिज और अन्य पदार्थ मौजूद ह होते हैं। जैसे की कैल्शियम, सोडियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड। जब आपके पेशाब में इन पथार्थों की मात्रा बाद जाती है तो और तरल पदार्थ बहुत ही कम होता है, तो वह आपस में चिपकना शुरू कर देते हैं जिससे क्रिस्टल या पत्थर बन सकते हैं। गुर्दे की पथरी आम तोर पर कई महीनों या सालों में भी बन सकती है। इसका ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।गुर्दे की पथरी के जोखिम कारक क्या होते हैं ?
. विटामिन सी की खुराक लें.. गुर्दे की पथरी का पारिवारिक इतिहास रहा हो।. आपके मूत्र मार्ग में रुकावट हो सकती है. गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी साथ ही पेट या आंत की सर्जरी हुई हो ।. काफी मात्रा में तरल पदार्थ न पियें।. मांस और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ खाएं।. सोडियम या शर्करा से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं।. ये सभी बातें हमको ज्यादतर जब हम पथरी के रोगी होते हैं तब हमको इन चीजों। का पूरी तरिके से ध्यान रखना चाहिए और हमको डॉक्टर्स की या किसी विशेषज्ञ की सलाह को जरूर मन्ना चाहिए , इसके लिए हम घर के कुछ नुस्को को भी अपना सकते हैंगुर्दे की पथरी के लिए घरेलू उपचार

- हाइड्रेटेड रहना
- नींबू का रस
- सेब का सिरका
- तुलसी का रस
- अनार का रस
- अजवाइन का रस
क्या पानी की कमी से गुर्दे में पथरी हो सकती है?
वास्तव में, पानी का कम सेवन गुर्दे की पथरी के गठन का कारण बनता है। इसका सीधा सीधा जवाब है हाँ पानी की कमी गुर्दे की पथरी के गठन का एक प्राथमिक कारण बना हुआ है। जब आपके शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता है, तो स्वचालित रूप से आपका मूत्र कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड जैसे खनिजों और लवणों से केंद्रित हो जाएगा। ऐसी स्थितियों में, ये पदार्थ क्रिस्टलीकृत हो जाएंगे और संयोजित हो जाएंगे, जिसके परिणामस्वरूप गुर्दे में पथरी का निर्माण होता है।गुर्दे की पथरी की रोकथाम में पानी की क्या भूमिका है?
- जलयोजन
- खनिजों को बाहर निकालना
- पीएच संतुलन बनाए रखना