- पीठ के निचले हिस्से में एक तरफ पसलियों में दर्द होने :- जो आम पीठ दर्द होते है, वह पीठ के किसी भी हिस्से में हो सकता है, लेकिन यदि आपको सिर्फ पीठ के निचले पसलियों में दर्द होने का अनुभव हो रहा है तो इसका मतलब है यह किडनी स्टोन होने का संकेत है |
- दर्द लहरों की तरह आ-जा रहा है और तीव्रता से परिवर्तित हो रहा है :- जैसे-जैसे किडनी स्टोन मूत्रमार्ग से आगे बढ़ता जाता है, वैसे ही आपको पीठ में अलग-अलग तरह के दर्द का अनुभव होगा, जो आम-तौर लगातार बरक़रार रहेगा |
- हिलने-जुलने से भी पीठ दर्द नहीं जाता :- जो सिर्फ पीठ दर्द होते है, वह स्थिति बदलने के साथ ही काम हो जाते है लेकिन किडनी स्टोन के मामले में हिलने-जुलने से भी पीठ से दर्द नहीं जाता और कुछ स्थितियों में यह पीठ दर्द बद से बदतर भी हो जाते है |
- गंभीर और तीव्रता से पीठ में दर्द होना :- पीठ में दर्द हलके से लेकर गंभीर और तीव्रता से भी हो सकता है | जबकि किडनी स्टोन में हर समय आपको पीठ में दर्द की शिकायत रहेगी |
- पेशाब करते दौरान रक्त का आना :- किडनी में स्टोन होने के कारण मूत्र का गुलाबी, लाल या फिर भूरा भी हो सकता है |
- मूत्र विसर्जन करते समय दर्द होना :- जब किडनी स्टोन मूत्र मार्ग में फंसा हुआ होता है तो इससे पेशाब करने के दौरान तीव्र दर्द का अनुभव होता है |
- अधिक मात्रा में पेशाब के आने का अनुभव होना :- किडनी में स्टोन की वजह से आपको ऐसा महसूस हो सकता है की आपको अधिक पेशाब करने की आवश्यकता है, लेकिन जब आप करने जाते हो तो यह बहुत कम मात्रा में निकलता है |
- पेशाब से दुर्गंध आना :- यदि आपको पेशाब दुर्गंधयुक्त है तो इसका मतलब यह है किडनी स्टोन की समस्या हो चुकी है |
- जी-मचलना या फिर उल्टी होना :- मतली और उल्टी होना भी किडनी स्टोन होने के लक्षणों में से एक है |
- बुखार और ठंड लगने के साथ-साथ पीठ में दर्द होना :- यदि आपको बुखार और ठंड लगने के साथ-साथ पीठ में तीव्रता से दर्द हो रहा है तो इसका अर्थ है की आपका मूत्र मार्ग संक्रमित हो गया है |